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लखनऊ में खौफनाक कांड: बेटे ने कारोबारी पिता की हत्या कर शव के किए टुकड़े, जांच में चौंकाने वाले खुलासे

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लखनऊ के आशियाना इलाके में सामने आया मानवेंद्र सिंह हत्याकांड जैसे-जैसे खुल रहा है, उसकी भयावहता लोगों को झकझोर रही है। आशियाना, लखनऊ के सेक्टर-एल में रहने वाले 49 वर्षीय पैथोलॉजी संचालक और शराब कारोबारी मानवेंद्र सिंह की हत्या के बाद उनके बेटे अक्षत द्वारा शव के टुकड़े किए जाने की घटना ने पूरे शहर में सनसनी फैला दी है। पुलिस जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे यह संकेत दे रहे हैं कि यह अपराध अचानक नहीं बल्कि गहरी नफरत और योजनाबद्ध सोच का परिणाम था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि हत्या के बाद सबसे बड़ी समस्या शव को ठिकाने लगाने की थी, क्योंकि उसका वजन अधिक होने के कारण वह अकेले उसे कार तक नहीं ले जा सकता था। इसी दौरान उसने इंटरनेट और वेब कंटेंट का सहारा लिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार अक्षत ने पहले ऑनलाइन मंगाए गए चाकू से शव काटने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हुआ। इसके बाद वह घर से बाहर निकला और बाजार से दो आरी खरीदकर लाया, जिनकी मदद से उसने शव के टुकड़े कर दिए। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने एक क्राइम-थ्रिलर कहानी देखकर यह तरीका सीखा था और यूट्यूब पर भी शव को ठिकाने लगाने से जुड़े वीडियो देखे थे। पुलिस का कहना है कि आरोपी के मन में अपने पिता के प्रति लंबे समय से गहरी नाराजगी और नफरत थी, जिसके कारण उसने वारदात को अंजाम देते समय किसी प्रकार की झिझक महसूस नहीं की। हत्या के बाद उसने अपनी छोटी बहन कृति को भरोसा दिलाते हुए कहा था कि वह सब संभाल लेगा और उसे चिंता करने की जरूरत नहीं है। इस बीच परिवार के भीतर के रिश्तों और पुराने विवादों को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं, हालांकि मृतक के पिता ने पूरे घटनाक्रम पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है। अक्षत की मां की मौत को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं, लेकिन परिजनों का कहना है कि उनकी मृत्यु बीमारी के कारण हुई थी। घटना के बाद से पूरी कॉलोनी में सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग दबी जुबान में तरह-तरह की आशंकाएं जता रहे हैं। उधर पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के जरिए मामले की तह तक पहुंचने में जुटी है। जांच टीम मानवेंद्र और अक्षत दोनों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना से पहले और बाद में किन-किन लोगों से बातचीत हुई थी। साथ ही वारदात के समय घर में मौजूद लोगों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि इस जघन्य अपराध में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल साक्ष्य और कॉल रिकॉर्ड इस हत्याकांड की पूरी सच्चाई सामने लाने में अहम साबित होंगे।

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